Monday, January 27, 2014
झंडेवाला पार्क लखनऊ की दुर्दशा :मध्यवर्गीय जनता की मनोदशा -सोचें देश की क्या हो दिशा?---विजय राजबली माथुर
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यों तो उपरोक्त चित्र सुस्पष्ट हैं और किसी व्याख्या या स्पष्टीकरण के मोहताज नहीं हैं । किन्तु प्रथम चित्र में जो चिंता ज़ाहिर क...
Sunday, January 26, 2014
ऐसा प्रतीत होता है संविधान निर्माताओं ने अपनी सारी विद्वता और क़ानूनी ज्ञान मज़बूत राज्यसत्ता की स्थापना करने में झोंक दिया हो ---सत्यनारायण
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https://www.facebook.com/satya.narayan.522/posts/10202976659998701 संविधान निर्माण के लिए गठित प्रारूप कमेटी ने 27 अक्टूबर 1947 क...
Saturday, January 25, 2014
हत्या-आत्महत्या-मार्क्सवाद पर जगदीश्वर जी की चिंता का समाधान ---विजय राजबली माथुर
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फेसबुक वाल-24 जनवरी 2014 प्रख्यात मार्क्सवादी चिंतक कामरेड जगदीश्वर चतुर्वेदी जी ने समयोचित वांछित प्रश्न उठाया है। अपनी ज़ि...
Friday, January 24, 2014
तटस्थता एक कुटिल चालाकी होती है जो अंतत: ग़लत के पक्ष को ही मज़बूत बनाती है--कविता कृष्णपल्लवी
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जनता के बीच काम करने वाले साथियों से कुछ बातें ... January 21, 2014 at 2:22pm --कविता कृष्णपल्लवी * जब बहुत सारे लोग स्...
Thursday, January 23, 2014
सोनिया जी के राजनीतिक कदम क्या हो सकते हैं?---विजय राजबली माथुर
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प्रस्तुत हैं 29 मई 2013 और 06 जनवरी 2014 को प्रकाशित आशुतोष गुप्ता जी के दो आलेख : जहां मई 2013 के लेख द्वारा आशुतोष जी चेतावनी द...
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