Thursday, January 26, 2012

गणतन्त्र कैसा?

Hindustan-Lucknow-24/01/2012

Hindustan-Lucknow-24/01/2012
उपरोक्त स्कैन कापियों को चित्र पर डबल क्लिक करके अवलोकन करें और दोनों मे समानता समझने का कष्ट करें। स्वाधीनता के 64 वर्ष और गणतन्त्र लागू हुये 62 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी हमारे देश मे गुलामी की प्रतीक-प्रथा 'भ्रष्टाचार' इतना तीव्र है कि जिसके सामने 'आदमी' की जिंदगी के कोई माने नहीं हैं। क्या सिर्फ 'राजनीतिज्ञों का ही क़ुसूर है इस दुर्व्यवस्था के लिए जैसा कि कारपोरेट दलाल अन्ना/रामदेव का इल्जाम है?

तमाम धार्मिक कहे जाने वाले उत्सवों मे भगदड़ से असंख्य लोगों की जाने जाती रहती है उनको कौन प्रोत्साहित करता है?धर्म के ठेकेदार दलाल जो पुरोहित कहलाते हैं या 'राजनीतिज्ञ'?

मेरा यह सुदृढ़ अभिमत है कि भ्रष्टाचार चाहे वह धार्मिक है या आर्थिक-सामाजिक,जातीय या सांप्रदायिक सबके पीछे इन पुरोहितवादी दलालों की भूमिका है जो 'जोंक' और 'खटमल' की भांति परोपजीवी होते हैं। ऐसे ढ़ोंगी-पाखंडी जनता को उल्टे उस्तरे से मूढ़ कर साम्राज्यवादी लुटेरों का खजाना भरते और खुद मौज उड़ाते हैं। जब तक इन परोपजीवी दलालों का आतंक रहेगा न आप भ्रष्टाचार दूर कर सकते हैं न ही निरपराध लोगों की जिंदगियों की रक्षा कर सकते हैं।

आज इस गणतन्त्र दिवस पर यह संकल्प लिए जाने की आवश्यकता है कि आसन्न विधानसभा चुनावों मे साम्राज्यवादियों-शोषकों,उतपीडकों को शिकस्त देने हेतु जहां भी बमपंथी/भाकपा प्रत्याशी हैं उन्हें प्रचंड बहुमत से विजयी बना कर विधानसभाओं मे भेजा जाए तभी 'भ्रष्टाचार' पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा और बेगुनाहों को मौत के मुंह मे जाने से भी रोका जा सकेगा।







आपने देखा 15 अगस्त 2011 को ब्लैक आउट करने का आह्वान करके और राष्ट्रीय झंडे को कारपोरेट दलालों के बचाव मे बाजारू बना कर अन्ना और उसकी टीम ने कितना बड़ा राष्ट्रीय अपराध किया था-शहीदों की कुर्बानियों का उपहास स उड़ाया था । आज इस गणतन्त्र पर उसका हिसाब लेने की सख्त जरूरत है। भविष्य मे कोई सिर-फिरा फिर से राष्ट्रध्वज का अपमान न कर सके यह सुनिश्चित करना आम जनता का दायित्व है।


Tuesday, January 24, 2012

चुनावों मे भाकपा की स्थिति मजबूत

168 -मलीहाबाद (सु) सीट से बाम मोर्चा समर्थित भकपा प्रत्याशी कामरेड महेंद्र रावत एक युवा एवं कर्मठ कार्यकर्ता हैं। पिछले कई चुनावों मे जब भाकपा ने दूसरे दलों का समर्थन किया और अपने प्रत्याशी नहीं खड़े किए तब भी का .महेंद्र निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर महोना विधान सभा क्षेत्र से चुनाव लड़ते रहे हैं। इस बार पार्टी ने अपनी पुरानी सीट मलीहाबाद से इन्हे प्रत्याशी बनाया है। वर्तमान विधायक बसपा प्रत्याशी (जो अपने सपा विधायक पिता के निधन के बाद सहानुभूति लहर मे जीते थे) से इनकी मुख्य टक्कर है जो दूसरे सपा,राकपा आदि के प्रत्याशी चुनाव मैदान मे हैं वे जातिगत आधार पर वैतरणी पर करना चाहते हैं। जबकि भाकपा प्रत्याशी महेंद्र रावत जाति,धर्म,संप्रदाय से परे गरीब,मेहनतकश -किसान,मजदूर,आम जनता के हितों के संरक्षणार्थ चुनाव मैदान मे उतरे हैं।

कामरेड महेंद्र रावत क्षेत्र मे डिग्री कालेज खुलवा कर छात्रों की पढ़ाई की समस्या के साथ-साथ सिंचाई और रोजगार की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल करवाना चाहते हैं। 'आम' के किसानों को उनकी फसल का वाजिब हक दिलवाना भी इनकी कार्य सूची मे ऊपर है। यही कारण है कि क्षेत्रीय जनता का उन्हे अभी से व्यापक समर्थन मिल रहा है और उनके प्रतिद्वंदियों के हाथ-पाँव फूल गए हैं। हम उनकी सफलता की मंगलकामना करते हैं।

मलीहाबाद के पड़ौसी क्षेत्र संडीला से कामरेड गंगा राम -एडवोकेट,बाराबंकी से कामरेड योगेन्द्र सिंह भी काफी मजबूत पकड़ के साथ चुनाव मैदान उतरे हैं उन समेत सभी भाकपा/बाम मोर्चे के प्रत्याशियों की शानदार सफलता की हम शुभकामना रखते हैं।




  • Titto Joy thank you sir. if this front is a success left can do something in north....success of sanjja morcha depends on peoples attitude towards good politics. still the people is in the influence of money and mussle power, we cant do anything... cpi dont have anything to loss but the people will miss a golden chance....
    Sunday at 12:06am ·  ·  1

  • Titto Joy 
    UP election candidate list of CPI

कामरेड टीटो जॉय इस समय दमम,सऊदी अरब मे निवास कर रहे हैं और  पेशे से इंजीनियर हैं। देश से इतनी दूर रह कर भी देश की उन्हे चिंता है तभी तो उक्त टिप्पणी उन्होने पंजाब विधानसभा के भाकपा प्रत्याशियों के संदर्भ मे की है। उन्होने उत्तर प्रदेश विधानसभा के भाकपा प्रत्याशियों की सूची भी मुझसे मांग कर फेसबुक पर दी है एवं उनकी सफलता की कामना की है।

टीटो जॉय साहब का अभिमत है कि,धन और बाहुबल के इस युग मे यदि उत्तर भारत के लोग 'अच्छी राजनीति' के इच्छुक हैं तो उन्हे बाम-पंथी मोर्चा को विजयी बनाना चाहिए। वरना हम कुछ नहीं कर सकते हैं ,उन्होने यह भी स्पष्ट कहा है कि इन चुनावो मे सी पी आई को खोने को कुछ नहीं है लेकिन यदि जनता इंनका समर्थन नहीं करती है तो वह सुनहरे मौके को गवा देगी।

फेसबुक के विभिन्न ग्रुप्स मे प्रबुद्ध लोग भाकपा और बाम मोर्चे के इस प्रयास का व्यापक समर्थन कर रहे हैं। परंतु जनता यदि धर्म,जाति,संप्रदाय मे उलझी रहेगी और दूसरे दलों के प्रत्याशियों को जिता कर विधानसभा मे भेज देगी तो भ्रष्टाचार,बेरोजगारी,मंहगाई,उत्पीड़न,शोषण बदस्तूर जारी रहेगा। अतः पढे-लिखे सभी समझदार लोगों का कर्तव्य है कि वे जनता को भाकपा/बाम मोर्चे के प्रत्याशियों को जीतने के बारे मे समझाएँ।

Monday, January 23, 2012

नेताजी सुभाष चंद्र बोस ------ विजय राजबली माथुर








भारतीय स्वाधीनता आंदोलन मे नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम अमर है। उन्होने आजादी दिलाने मे महत्वपूर्ण भूमिका कैसे निभाई देखें इस लिंक मे-


ऊपर के वीडियो मे आपने नेताजी के उद्गार सुने ,नीचे देखिये कुछ और जरूरी बातें-







(चित्र साभार के के यादव जी )

नेता जी ने सर्वप्रथम 1943 मे तिरंगा पोर्ट ब्लेयर मे फहराया था उसी की स्मृति मे भारत सरकार ने यह डाक टिकट जारी किया था।


नेताजी की अपील -

नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने कांग्रेस से अलग होकर 'अग्रगामी दल' अर्थात 'फारवर्ड ब्लाक' बनाते समय भारत मे आजादी के बाद 'समाजवादी व्यवस्था' स्थापित करने की कल्पना की थी। वह रूसी साम्यवादी क्रान्ति से बहुत प्रभावित थे। उनके सपनों का भारत अभी तक नहीं बन पाया है। नेताजी द्वारा स्थापित फारवर्ड ब्लाक उत्तर प्रदेश विधान सभा के इन चुनावों मे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के साथ बाम मोर्चा मे शामिल है। आज नेताजी के जन्म दिवस पर हम सब को यह संकल्प लेना चाहिए कि अपने अमूल्य वोट द्वारा हम बाम पंथ को मजबूत करेंगे जो नेताजी को सच्ची श्रधानजलि भी  होगी।

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23-01-2017 

Saturday, January 21, 2012

उत्तर प्रदेश भाकपा का चुनाव घोषणा पत्र





सब को देखा!      खाया धोखा !!

भा .क .पा .को ! दो अब मौका !!


भ्रष्टाचार से मुक्त पार्टी 

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 


लखनऊ 21 जनवरी। भ्रष्टाचार, महंगाई और अपराधों पर अंकुश तथा उत्तर प्रदेश एवं उसकी जनता के चौतरफा विकास पर केन्द्रित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का चुनाव घोषणापत्र आज जारी कर दिया गया। घोषणा पत्र में जनता से अपेक्षा की गयी है कि वह 16वीं विधान सभा में भाकपा और अन्य वामपंथी दलों की मजबूत उपस्थिति को दर्ज कराये; बड़ी संख्या में भाकपा प्रत्याशियों को जितायें; साम्प्रदायिक, जातिवादी एवं वंशवादी ताकतों को परास्त करे; भ्रष्ट, अपराधी एवं माफिया सरगनाओं को विधान सभा में पहुंचने से रोके तथा किसान, मजदूर एवं आम आदमी की बर्बादी का कारण - ”आर्थिक नवउदारवाद की नीतियों“ को पीछे धकेले। 

मतदाताओं से अपेक्षा

चुनाव घोषणापत्र की भूमिका में प्रदेश की जनता से वर्तमान चुनाव को स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक परिवर्तनकारी, महत्वपूर्ण और निर्णायक चुनाव साबित करने का आह्वान करते हुए अपेक्षा की गयी है कि मतदाता जाति-पांति, धार्मिक और क्षेत्रीय संकीर्णताओं से बाहर निकल कर अपने बदतर हालातों पर गौर करे; चुनावों के दौरान अपनाये जाने वाले भ्रष्ट तौर-तरीकों से प्रभावित न हांे और अपने तथा प्रदेश एवं देश के हितों को ध्यान में रखकर अपने मताधिकार का प्रयोग करे।

गरीब वर्ग को जातियों में बांट कर अमीर वर्ग अपनी सत्ता को बरकरार रखना चाहता है ताकि उसकी ”आम आदमी“ को लूटने वाली आर्थिक नीतियां निर्बाध चलती रहें।
घोषणापत्र में विगत समय में प्रदेश की चारों प्रमुख पार्टियों के शासन कालों का खुलासा करते हुए उन्हें भ्रष्टाचार, बढ़ती महंगाई और बढ़ते अपराधों के साथ-साथ जनता की बदहाली का जिम्मेदार बताया गया है। संप्रग-1 सरकार को वामपंथ के समर्थन का जिक्र करते हुए कहा गया है कि जनता के तमाम तबकों ने इस बात का नोटिस लिया है कि संप्रग-1 सरकार पर वामपंथ के दवाब के कारण जहां एक ओर ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून तथा सूचना के अधिकार का कानून बना था वहीं दूसरी ओर महंगाई पर अंकुश लगा रहा था। राजनीतिक भ्रष्टाचार फल-फूल नहीं सका था और केन्द्र सरकार जनविरोधी आर्थिक नीतियों को आगे बढ़ा नहीं सकी थी। घोषणापत्र में कहा गया है कि लोकसभा में वामपंथ की ताकत में ह्रास का परिणाम आज सार्वजनिक क्षेत्र के विनिवेशीकरण, महंगाई और भ्रष्टाचार के रूप में आम जनता के सामने है।
घोषणापत्र में जनता के तमाम तबकों के बारे में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के दृष्टिकोण को रखा गया है और इसमें समाज के सभी वर्गों और क्षेत्रों के लिए वायदे किये गये हैं।

विद्यार्थियों-नौजवानों हेतु 


दोहरी शिक्षा प्रणाली की समाप्ति, शिक्षा का राष्ट्रीयकरण, रोजगार उन्मुख शिक्षा की निःशुल्क व्यवस्था तथा मनरेगा के समकक्ष योजना शहरी क्षेत्रों के लिए तैयार करने की बात की गयी है तो दूसरी ओर वित्तविहीन विद्यालयों तथा महाविद्यालयों के शिक्षको के वेतन का सरकारी खजाने से भुगतान तथा शिक्षा-मित्रों, मध्यान्ह भोजन रसोईया, आशा बहुओं, आंगनबाड़ी कर्मचारियों की सेवाओं के नियमितीकरण एवं वेतन भुगतान की बात की गयी है।
घोषणापत्र में भाकपा ने महिलाओं के लिए संसद एवं विधान मंडलों में एक तिहाई आरक्षण के कानून की बात को दोहराया गया है तो अल्पसंख्यकों के बारे में रंगनाथ मिश्र आयोग और सच्चर कमेटी की अनुशंसाओं को लागू करने तथा अनुसूचित जाति एवं पिछड़ी जाति के मामलों में धार्मिक भेदभाव की समाप्ति की बात कही गयी है।
महिलाओं एवं मजदूरों हेतु 

घोषणापत्र में किसानों द्वारा खेती में प्रयुक्त सामग्रियों - खाद, बीज, पानी, डीजल आदि की कीमतों में कटौती, 4 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज मुहैया कराने तथा कृषि उत्पादों को लाभ पर बेचने की गारंटी की बात शामिल है। ठेका प्रथा एवं आउटसोर्सिंग को समाप्त करने की बात करते हुए मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी के स्तर को जीने लायक मजदूरी के स्तर तक ऊपर उठाने की बात की गयी है तथा असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए कानून बनाने की बात भी दोहराई गयी है।

 यू. पी. हैण्डलूम कारपोरेशन तथा बंद कताई मिलों को चालू करने के साथ-साथ रियायती दर पर बिजली और सूत मुहैया कराने तथा हथकरघा वस्त्रों तथा दस्तकारों के उत्पादों के निर्यात के लिए आधारभूत ढांचा विकसित करने की बात कही गयी है। बेरोजगार हुए मजदूरों का जिक्र करते हुए सार्वजनिक क्षेत्र एवं सहकारी क्षेत्र के बंद पड़े कारखानों को दुबारा चालू करने की बात की गयी है। घोषणापत्र में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की निःशुल्क व्यवस्था तथा सभी अस्पतालों में सुविधाओं को बढ़ाने की बात की गयी है।

संसदीय लोकतन्त्र की मजबूती 

भाकपा ने विधान सभा एवं विधान परिषद की साल भर में कम से कम 100 दिनों तक बैठक के आयोजन को सुनिश्चित करने की बात कहते हुए जोर दिया है कि जनमानस पर व्यापक प्रभाव डालने वाले नीतिगत फैसलों पर विधायिका की मुहर को आवश्यक किया जायेगा। साथ ही भ्रष्टाचार में डूबी सांसद एवं विधायक निधियों को समाप्त करने पर बल दिया गया है।
घोषणापत्र में आवास के अधिकार को संवैधानिक अधिकार बनाने तथा पिछली सरकारों द्वारा सरमायेदारों को सौंपी गयी सार्वजनिक एवं सहकारी क्षेत्र की परिसम्पत्तियों का राष्ट्रीयकरण करने, वृद्धावस्था, विधवा एवं विकलांग पेंशन को सभी पात्र व्यक्तियों को मुहैया कराना तथा इन योजनाओं में पात्रता की परिभाषा बदलने की बात की गयी है।

भ्रष्टाचार उन्मूलन 

1-प्रभावी लोकपाल के प्रति भाकपा की प्रतिबद्धता प्रकट की गई है। 

2-जांच से लेकर मुकदमा चलाने तक सी बी आई सहित सभी जांच एजेंसियों को कार्यगत स्वतन्त्रता मुहैया करना। 

3-सी बी आई की तरह एक स्वतंत्र जांच एजेंसी का प्रदेश स्तर पर गठन। 

4-सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती से त्वरित कार्यवाही। 

5-भ्रष्टाचार के मुकदमों के त्वरित निस्तारण हेतु विशेष न्यायालयों का गठन। 

6-जन-धन के सभी उपयोगों की स्वतंत्र एजेंसी से आदित आवश्यक करना। 

7-सामाजिक कल्याण योजनाओं के सोशल आदित की व्यवस्था। 

8-राजनीतिक भ्रष्टाचार की जड़ 'सांसद एवं विधायक निधि' को समाप्त करना। 

Wednesday, January 18, 2012

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव मे भाकपा गंभीर

प्रथम आम चुनावों के बाद भारतीय संसद मे भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी मुख्य विपक्षी दल थी। किन्तु उत्तरी भारत मे किसान-मजदूर आंदोलनों के कमजोर पड़ने से पार्टी भी कमजोर पड़ गई। आम लोगों की रहनुमा पार्टी के कमजोर पड़ने का परिणाम यह रहा  कि मंहगाई और भ्रष्टाचार का बोलबाला हो गया और आम जनता का जीना दूभर हो गया। 2012 के विधान सभा चुनावों मे भाकपा ने चार अन्य दलों से मिल कर एक मोर्चा बना लिया है और बड़ी गंभीरता से चुनावों मे उतर रही है। भाकपा द्वारा जारी बयान से यह बात बिलकुल स्पष्ट हो जाती है- 
    लखनऊ 18 जनवरी 2012। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने विधान सभा चुनाव हेतु अपने प्रत्याशियों की तीसरी सूची जारी कर दी। इस सूची में भाकपा ने 9 प्रत्याशी घोषित किये हैं। इस तरह भाकपा ने अब तक कुल 53 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतार दिये हैं।
    सूची जारी करते हुये राज्य सचिव डा. गिरीश ने बताया कि संवेदनशील, संघर्षशील एवं सशक्त वामपंथी विकल्प के निर्माण में अगुवा भूमिका निभा रही भाकपा किसान-मजदूरों और आम आदमी के ज्वलंत सवालों पर चुनाव अभियान चला रही है। भाकपा ने भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की जमीनों के जबरिया अधिग्रहण और गरीबों के लिये चल रही विभिन्न सरकारी योजनाओं में लूट खसोट को उजागर कर पूंजीवादी पार्टियों, जातिवादी और साम्प्रदायिक शक्तियों को बेनकाब करने का बीड़ा उठाया है। भाकपा को इस अभियान में आम जनता का व्यापक सहयोग और समर्थन मिल रहा है।
    आज जारी सूची निम्न प्रकार है -

1 -    बाराबंकी              योगेन्द्र सिंह
2 -    निजामाबाद         राम सूरत यादव
3 -    बरहज                 काशी नाथ कुशवाहा
4 -    बांदा                   सौंखी लाल
5 -    संडीला                गंगा राम एडवोकेट
6 -    मलिहाबाद          महेन्द्र रावत
7 -    कोल                  राजेन्द्र कुमार माहेश्वरी
8 -    बेहट                  धर्म सिंह
9 -    शाहजहांपुर        मोहम्मद सलीम

आर्थिक सहयोग की अपील-


भकपा गरीब किसानों -मजदूरों की पार्टी है जो आम जनता के हितों के लिए बराबर संघर्स करती रही है और कभी भी उद्योगपतियों एवं कारपोरेट घरानों के आगे हाथ नहीं फैलाती है। पार्टी के सदस्य ,सहयोगी और समर्थक ही पार्टी को आर्थिक सहयोग प्रदान करते हैं अतः पार्टी आम जनता से भी आर्थिक सहयोग की अपील करती है।धनराशि भेजने के लिए पार्टी के साथी एवं सहयोगी उसे सीधे यूनियन बैंक आफ इंडिया, क्लार्कस अवध शाखा लखनऊ के खाता संख्या 353302010017252 में जमा कर सकते हैं अथवा आरटीजीएस अथवा एनईएफटी के जरिये इस खाते में जमा करने के लिए अपने बैंक में आवेदन कर सकते हैं। आरटीजीएस/एनईएफटी के लिए खाता संख्या यही रहेगा, खाते के नाम की जगह ”कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया, यू. पी. स्टेट कौंसिल“ तथा पता 22 - कैसरबाग, लखनऊ लिखे तथा बैंक के आईएफएससी कोड UBIN0535338 का जिक्र करें।
हस्ताक्षर------ 
(डा. गिरीश)
राज्य सचिव

लखनऊ मे भाकपा प्रत्याशी -

लखनऊ जिले की मलीहाबाद (सु) सीट से भकपा प्रत्याशी कामरेड महेंद्र रावत एक कर्मठ कार्यकर्ता हैं। इससे पूर्व के कई चुनावों मे वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप मे महोना विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। इस बार पार्टी के आदेश पर वह मलीहाबाद क्षेत्र से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के रूप मे चुनाव लड़ रहे हैं। इस क्षेत्र से पहले भी पार्टी प्रत्याशी की जीत हो चुकी है। पूरी लखनऊ जिला पार्टी अपनी इस पुरानी सीट को वापिस जीतने हेतु कामरेड महेंद्र रावत के लिए तहे दिल से जुट गई है। नामांकन प्रक्रिया के बाद चुनाव अभियान बाकायदा चलाया जाएगा किन्तु क्षेत्रीय जनता की ओर से पार्टी प्रत्याशी को व्यापक समर्थन अभी से मिलना शुरू हो गया है। लखनऊ जिले ही नहीं पूरे उत्तर प्रदेश के लिए इस सीट पर पार्टी प्रत्याशी की जीत का व्यापक प्रभाव पड़ेगा। हम कामरेड महेंद्र रावत और सभी पार्टी प्रत्याशियों की जीत की मंगलकामना करते हैं।