Thursday, June 26, 2014

सावधान झूठ का खेल शुरू हो चुका है ---विजय राजबली माथुर

" मधुकर दत्तात्रेय (उर्फ बाला साहब) देवरस चाहते हैं कि,संघ उनके जीवन काल मे सत्ता पर काबिज हो जाये। इसके लिए डा जयदत्त पन्त के मतानुसार उन्होने लक्ष्य रखा था कि,शहरों का 2 प्रतिशत और गावों का 3 प्रतिशत जनसमर्थन प्राप्त कर लिया जाये जो संभवतः रामजन्म भूमि आंदोलन बनाम आडवाणी कमल रथ यात्रा से पूरा हो गया लगता है।"
http://krantiswar.blogspot.in/2011/09/blog-post_25.html

उपरोक्त पोस्ट के माध्यम से मैंने 1991 में व्यक्त विचारों को प्रकाशित किया था। 2014 के चुनाव परिणामों से उसकी पुष्टि भी हो गई है। कुल मतदान का 31 प्रतिशत वोट हासिल करके भाजपा (अप्रत्यक्ष रूप से RSS) सत्तासीन है, इसी ब्लाग के माध्यम से लगातार आगाह करता रहा हूँ परंतु मेरी हैसियत ही क्या है जो कोई मेरे विचारों पर ध्यान देता?

रियूमर स्पीच्युटिंग सोसाईटी ने अपना अफवाह फैलाने का कार्य बदस्तूर शुरू कर दिया है और इस बार मोहरा बनाया गया है नेताजी सुभाष चंद्र बोस को । फेसबुक पर नेताजी के संबंध में RSS समर्थक अखबार द्वारा भ्रामक प्रचार किया गया है जिसका कुछ वांम समर्थकों पर यह प्रभाव हुआ है कि वे नेताजी को संकीर्ण जातिवादी और श्रमिक विरोधी मान बैठे। नेताजी सुभाष खुद को साम्यवादी विचार धारा का वाहक कहते थे और देश में समाजवादी व्यवस्था स्थापित किए जाने के हामी थे। जिस प्रकार पुराणों के माध्यम से 'राम' व 'कृष्ण' का चारित्रिक पतन किया गया है उसी प्रकार वर्तमान में आधुनिक जन-नायकों के चरित्र हनन का सिलसिला शुरू किया गया है। यदि अभी से इसका डट कर मुक़ाबला नहीं किया गया तो दुष्प्रचारक अपने उद्देश्य में उसी प्रकार सफल हो जाएँगे जिस प्रकार जनता का वोट हासिल करने मे सफल हो गए थे। 

कामरेड बाला साहब देवाधे धन्यवाद के पात्र हैं जिनके सद प्रयत्नों से सच्चाई का तुरंत खुलासा भी हो गया है। इसी प्रकार हम सब को सतत जागरूक रहना होगा व जनता को भ्रमित होने से बचाना होगा।






लन्दन के फुटपाथ पर दो भारतीय रुके और
जूते पोलिश करने वाले से एक व्यक्ति ने जूते पोलिश करने को कहा ...

जूते पोलिश हो गये ..
पैसे चुका दिए और वो दोनों अगले जूते पोलिश करने वाले के
पास पहुँच गये !

वहां पहुँच कर भी उन्होंने वही किया...
जो व्यक्ति अभी जूते पोलिश करवाके आया था,

उसने फिर जूते पोलिश करवाए और पैसे चूका कर
अगले जूते पोलिश करने वाले के पास चला गया...........

जब उस व्यक्ति ने 7-8 बार पोलिश किये हुए ~
जूतो को पोलिश करवाया तो .....
उसके साथ के व्यक्ति के सब्र का बाँध टूट पड़ा.....
उसने पूछ ही लिया

" भाई जब एक बार में तुम्हारे जूते पोलिश हो चुके तो
बार-बार क्यों पोलिश करवा रहे हो"?

प्रथम व्यक्ति बोला
" ये अंग्रेज मेरे देश में राज़ कर रहे हैं,
मुझे इन घमंडी अंग्रेजो से जूते साफ़ करवाने में बड़ा मज़ा आता है !!

वह थे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस..!!!
www.nationalparivartan.com













 ~विजय राजबली माथुर ©
 इस पोस्ट को यहाँ भी पढ़ा जा सकता है।

1 comment:

Yashwant Yash said...

जिसको जो भी कहना हो कहता रहे,पर भारतीय स्वतन्त्रता आंदोलन मे नेता जी का योगदान किसी भी कीमत पर कमतर नहीं आँका जा सकता। फेसबुक पर दुष्प्रचार करने वाली पोस्ट्स को रोका तो नहीं जा सकता मगर हमें ही हर समय जागरूक रह कर समय समय पर राजफाश करते रहना होगा।