Wednesday, August 3, 2011

दूसरे भगवान की कृपा ?

Hindustan-Lucknow-03/08/2011

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Hindustan-Lucknow-04/08/2011
Hindustan-Lucknow-05/08/2011
(डा.सौदान सिंह जी को इस तथ्य की तहक़ीक़ात करानी चाहिए कि क्या संबन्धित डा .के सम्बंध किसी अंतर्राष्ट्रीय गिरोह से तो नहीं हैं जो मानव अंगों की तस्करी करता हो?यदि ग्रामीण कर्मियों को न पकडवाते तो गिरोह के सदस्य उन लाचार मरीजों को उठा ले जाते और उनके अंग निकाल कर विदेश मे बेच दिये जाते। कर्मियों को धन देकर निजी एंबूलेंस से भेजा गया था जो उस डा .ने अपने पाकेट से नहीं दिया होगा।

'चिकित्सा समाज सेवा है-व्यवसाय नहीं' की शपथ लेने वाले किस स्तर पर गए उसका अंदाज कार्यवाहक जिलाधिकारी महोदया के शब्दों से ही हो जाता है।
05 08 2011)

4 comments:

मनोज कुमार said...

बड़ी विकट स्थिति है।

डॉ टी एस दराल said...

अस्पताल के कर्मचारियों की बहुत घिनोनी हरकत है । घोर निंदनीय ।

Sunil Kumar said...

निंदनीय और दुखद जब डाक्टर ऐसा करेंगे तो दुसरे से क्या उम्मीद ?

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

दुखद है ऐसा होना..... सच हालात बड़े अफसोसजनक हैं हर ओर