Saturday, August 13, 2011

A I S F का प्लेटिनम जुबली समारोह

अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस 12 अगस्त को प्रारम्भ होकर 13 अगस्त को मनाए गए रक्षाबंधन पर्व जिसका संबंध ज्ञान-विज्ञान के प्रचार-प्रसार से है के दिवस A I S F का प्लेटिनम जुबली समारोह सम्पन्न हुआ। 75 वर्ष पूर्व आजादी के आंदोलन को बल प्रदान करने हेतु इस संगठन की स्थापना महात्मा गांधी एवं गुरुवर रवीन्द्रनाथ टैगोर के आशीर्वाद से लखनऊ के गंगा प्रसाद मेमोरियल हाल मे हुयी थी। सम्मेलन के स्वागताध्यक्ष लखनऊ के पी .एन .भार्गव साहब को इसका महामंत्री तथा जवाहर लाल नेहरू जी को अध्यक्ष चुना गया था। 12-13 अगस्त 1936 की पुनरावृत्ति 12-13 अगस्त 2011 को   उसी हाल मे हुयी जब A I S F का प्लेटिनम जुबली समारोह मनाया गया। यह हमारी खुश किस्मती थी कि एक कार्यकर्ता के रूप मे हमे भी इस मे भागीदारी करने का मौका मिला।

सम्मेलन मे आए अधिकांश प्रतिनिधियों को उसी छेदी लाल धर्मशाला मे ठहराया गया था जिसमे 1936 मे आए प्रतिनिधि को ठहराया गया था। यह वही धरमशाला है जिसमे ठहर कर क्रांतिकारी रामप्रसाद 'बिस्मिल'ने अपने साथियों के साथ 'काकोरी' अभियान की रूप-रेखा तैयार की थी। ये दोनों स्थान क्रांतिकारियों की कर्मस्थली रह चुकने के कारण किसी तीर्थ से कम कतयी नहीं हैं। यह भी हमारा परम-सौभाग्य है कि हमे A I S F के प्लेटिनम जुबली समारोह के दौरान इनमे भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ।

12 अगस्त को प्रातः 10 बजे छेदी लाल धरमशाला प्रांगण मे झण्डारोहन का .डी.नरसिंघा राओ जी के कर-कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ जो इस संगठन के प्रभाव शाली नेता रह चुके हैं। उदघाटन भाषण पूर्व न्यायाधीश हैदर अब्बास रजा साहब ने दिया जो खुद इस संगठन के कर्मठ नेता रह चुके हैं। अब्बास साहब ने A I S F को मजबूत बनाने के साथ-साथ सम्पूर्ण बाम-पंथ की एकता पर बल दिया।  उन्होने छात्रों का आह्वान किया कि वे आज शिक्षा पर आए संकट और उस पर बढ़ते बाजारीकरण के प्रभाव को समाप्त करने की दिशा मे जोरदार आंदोलन चलाएं। बाद मे का .अतुल कुमार 'अनजान' ने अपने उद्बोधन मे बताया कि जस्टिस साहब ने अपने छात्र जीवन मे शिक्षा के प्रारम्भ हुये निजीकरण का तीव्र विरोध किया था और आंदोलन का सफल नेतृत्व किया था । 'अनजान' साहब ने यह भी बताया कि उस आंदोलन का नारा था-"यू पी के तीन चोर-मुंशी,गुप्ता,जुगल किशोर"।के एम मुंशी तब गवर्नर थे,चन्द्र्भानु गुप्ता मुख्यमंत्री और जुगल किशोर शिक्षा मंत्री थे।

जस्टिस अब्बास साहब के बाद स्वागताध्यक्ष डा.गिरीश का स्वागत भाषण हुआ था जिसे आप बड़ा देखने के लिए इस स्कैन इमेज पर डबल क्लिक करके पढ़ सकते हैं। ---


बिहार A  I S  F ने अपनी राष्ट्रीय परिषद को एक मशाल भेंट की जिसे उनके राष्ट्रीय कार्यालय ,आसिफ अली रोड ,दिल्ली मे सजाया जाएगा। 



पूर्व छात्र नेतागण -एस सुधाकर रेड्डी साहब (पूर्व सांसद ),अमरजीत कौर जी आदि के भाषण बेहद तर्कसंगत एवं प्रभावशाली रहे। 13 अगस्त को "वर्तमान स्थितियों मे छात्रों की भूमिका" विषय पर एक गोष्ठी हुयी जिसमे प्रो .अशोक वर्धन ,प्रो .अली जावेद,राज्य सभा सदस्य का .अजीज पाशा ने प्रकाश डाला और छात्रों का मार्ग-दर्शन किया। ये सभी अपने समय के प्रभावशाली छात्र नेता रहे हैं।

A I S F के अध्यक्ष परमजीत ढाबा और महामंत्री अभय मनोहर टकसाल ने भविष्य मे शिक्षा विदों के सुझाव पर अमल करने का आश्वासन दिया। का .टकसाल चाहते थे कि खुशवंत सिंह के पिता शोभा सिंह के महिमामंडन को रोका जाये जिनकी गवाही सरदार भगत सिंह की फांसी का आधार बनी थी। सम्मेलन मे शिक्षा पर घटते बजट की तीव्र आलोचना की गई और विदेशी विश्वविद्यालयों को खोले जाने की निन्दा।



सम्मेलन के समापन से पूर्व स्वागत समिति के अध्यक्ष डा .गिरीश ने जिन 25-30 कार्यकर्ताओं का नाम लेकर आभार और धन्यवाद दिया उनमे मेरा नाम भी 19 वे न .पर था।



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कार्यक्रम  के कुछ फोटोस-
प्रदर्शनी 


हौल के भीतर से मंच  का दृश्य 

हौल के भीतर से मंच  का दृश्य 

हौल के भीतर से मंच  का दृश्य 

हौल के भीतर से मंच  का दृश्य 

हौल के भीतर से मंच  का दृश्य 

3 comments:

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

बधाई..... अच्छे आयोजन की जानकारी दी...... शुभकामनायें

डॉ टी एस दराल said...

इस एतिहासिक समारोह के आयोजन के लिए आप भी बधाई के पात्र हैं ।
सुन्दर रिपोर्ट ।

Dr (Miss) Sharad Singh said...

सार्थक प्रस्तुति.....

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.