Saturday, May 21, 2011

कीरो का ज्योतिषीय विवेचन

काउन्टकीरो का नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं है.पाश्चात्य जगत में हस्तरेखा शास्त्र का महत्त्व प्रतिपादित करने में इस महान आत्मा का विशेष योगदान है.CHIRO वस्तुतः यूनानी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है-हाथ.यूरोप जहाँ ज्योतिष को पहले ढोंग समझा जाता था काउन्ट कीरो द्वारा की  गई और सच निकली भविष्यवाणियों के कारण ही ज्योतिष को मान्यता दे सका .विपरीत पर्यावरण में जन्म होने के बावजूद काउन्ट कीरो एक सफल हस्तरेखाविद कैसे बन गए,आईये इस बात पर गौर करें. उनकी जन्मपत्री से  स्पष्ट होता है कि कीरो के दशम भाव में पूर्ण बलवान चंद्रमा की उपस्थिति के कारण 'गजपति योग'निर्मित हो रहा है,ऐसा योग रखने वाला व्यक्ति ऐश्वर्य संपन्न,धनीऔर सुखी होता है.शुक्र ग्रह ज्योतिष का मुख्य कारक ग्रह होता है जो कीरो की कुंडली में लग्न में बुध के साथ विद्यमान है.यह योग कीरो को प्रबल ज्योतिषी बना रहा है.अपने पूर्व जन्म के संस्कारों के कारण कीरो ज्योतिष के गूढ़ सिद्धांतों को समझने में सफल रहे,तृतीय भावगत ब्रहस्पति ने उन्हें उदार व सहिष्णु बनाया जिस कारण विरोध के बावजूद अपने सिद्धांतों पर अडिग रह कर वह हस्तरेखा शास्त्र में कीर्तिमान सफलता प्राप्त कर सके .काउन्ट कीरो ने शुक्र वलय को 'प्रेम की मेखला'संज्ञा दी है यह रेखा हथेली में अनामिका और मध्यमा को अर्द्ध चंद्राकार घेरे हुए होती है और चूंकि यह हथेली में मस्तिष्क रेखा के ऊपरी भाग में होती है इसलिए कीरो इसे मानसिक पक्ष से सम्बंधित मानते हैं उनके अनुसार ऐसी रेखा रखने वाले लोग शारीरिक रूप से उतने कामुक (SEXY)नहीं भी हो सकते जितने कि मानसिक रूप से होते हैं.ऐसी रेखा रखने वाले सेक्स मामलों में रूचि रखते हैं और उन्हें इसमें आनंद भी आता है.परन्तु कीरो का विचार है कि यदि ऐसा व्यक्ति प्रेम में असफल रहा हो तो आत्म-हत्या भी कर सकता है.परन्तु डा.नारायण दत्त श्रीमाली का दृष्टिकोण है कि ऐसा शुक्र-वलय रखने वाले लोग उतावले और कामुक होते हैं परन्तु वे अपनी कामुकता को छिपाने में माहिर भी होते हैं.कारण कि ऐसे लोग चतुर प्रेमी के साथ-साथ वार्तालाप करने में माहिर भी होते हैं.जहाँ कीरो का मत है कि,प्रेम में असफल रहने पर ऐसे लोग आत्महत्या भी कर सकते हैं वहीं डा.श्रीमाली का मत है कि प्रेम में असफल रहने पर ऐसे लोग धार्मिक लबादा ओढ़ लेते हैं और धार्मिकता का ढोंग करते हैं.यदि शुक्र वलय के साथ-साथ शुक्र पर्वत उन्नत्त हो और समानांतर विवाह रेखाएं भी हों तो ऐसे लोग प्रेम के क्षेत्र में सफलता भी प्राप्त कर सकते हैं और समाज में अपनी मर्यादा भी सुरक्षित रखने में सफल हो सकते हैं.कीरो महान हस्तरेखा विद थे उनकी चेतावनी को अर्थ हीन न समझना चाहिए और ऐसी रेखाएं रखने वालों को असफलता से बचना चाहिए. 

3 comments:

मनोज कुमार said...

नई जानकारी मिली।

Dr (Miss) Sharad Singh said...

नई जानकारी ....

जाट देवता (संदीप पवाँर) said...

कुछ पहले से मालूम था, कुछ आपने बताया,