Thursday, April 2, 2026

पाप और पुण्य का भुगतान इसी ईह लोक में है ------ अरविन्द राज स्वरूप


कानपुर 2 अप्रैल 2026 
पाप और पुण्य का भुगतान इसी ईह लोक में है।
कल रात में लखनऊ से कानपुर आया । एक दिन के लिए।आज सवेरे का हिंदुस्तान अखबार पढ़ा।पूरा पेज कानपुर वासियों की गैस की किल्लत से हो रही परेशानी से भरा हुआ है। 
सरकार सिर्फ बयान बाजी तक सीमित है। 
सारी रिस्पांसिबिलिटी इस दिक्कत की भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय सरकार की है। उसकी अमेरिकन चाटुकारिता की नीति ने भारत देश की पूरी जनता को परेशानी में डाल दिया है। यह उतनी ही बड़ी परेशानी है जितनी भारत देश को कोविड में भुगतनी पड़ी थी। तब तत्काल मौत का खतरा था और अब रोज-रोज रोटी बनाना मुश्किल हो गया। 
ईरान भारत का दोस्त था। ईरान से भारत को कोई खतरा नहीं था। फिर भी प्रधानमंत्री श्री मोदी इसराइल जाकर नस्ली सहांरक नेतन्याहू से गले मिलने लगे । 26 तारीख फ़रवरी को वहां से लौटे और 28 को इसराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया। इतना ही नहीं इसराइल को फादर लैंड भी प्रधानमंत्री घोषित कर आए।
अगर भारत सरकार स्पष्ट रूप से ईरान के साथ खड़ी होती तो हमको कोई दिक्कत ना होती ।जबकि ईरान हमारा पुराना दोस्त था ।भारत सरकार ने अमेरिका का चाटुकार  बनना स्वीकार किया और अमेरिका का राष्ट्रपति तो दुनिया का सबसे रद्दी  और बेकार राष्ट्रपति साबित हुआ।
मैं देख रहा हूं कि भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों में भी उनकी पार्टी में जो चल रहा है और जो देश में हो रहा है उसका प्रभाव है और वहां भी खलबली है। 
आरएसएस का प्रभाव तो भाषण भरों में सीमित है। उनको पता है कि उनका महत्व सिर्फ और सिर्फ भारतीय जनता पार्टी सरकार की वजह से है। इसलिए उनकी तो बोलती ही बंद है।
उनके पदाधिकारी बड़े-बड़े खाली पीली शब्द बोलते हैं बस। 
सब लोगों को अपने किए का भुगतान होता है। पाप का पाप से। पुण्य का पुण्य से। 
एक पाप देश की जनता से अनजाने में हो गया और अब हम भुगत रहे हैं ।हम ही तो देश की जनता है ,और हमारे जैसे 140 करोड़ भारतीय। 
अब इससे छुटकारा पाना है ।जनतंत्र में वोट के द्वारा ही छुटकारा पाया जाता है, सो 2027 में उत्तर प्रदेश में और 2029 में पूरे भारतवर्ष से बीजेपी से  छुटकारा पाना है।
जो भी आएगा वह इससे तो अच्छा ही होगा।




  ~विजय राजबली माथुर ©