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Thursday, February 23, 2012

भोजन और स्वास्थ्य

                                                   (हिंदुस्तान,लखनऊ,21 फरवरी 2012 )
आधुनिक चिकित्सा मे एलोपैथी रोज-ब -रोज जो अनुसंधान कर रही है उनसे हमारे पुरातन आयुर्वेदिक ज्ञान का ही पलड़ा भारी लगता है। हमारे भोजन मे दालों को 'प्रोटीन' प्राप्ति हेतु शामिल किया गया है। प्रोटीन को मांस निर्माता द्रव्य कहा जाता है। जीव हिंसा का विरोध करते हुये हमारे यहाँ मांस -भक्षण का निषेध्य किया गया है। ऐसे मे दालें ही प्रोटीन का आधार-स्तम्भ हैं। 'अरहर' की दाल को पहले गरीबों का भोजन माना जाता था। अब यह नया अनुसंधान धनाढ्यो  को भी अरहर का लाभ उठाने को बाध्य करेगा। वैसे भी शुगर की बीमारी अधिकांशतः पैसे वालों की ही बीमारी है। एलोपैथी चिकित्सक दूसरी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों का भौंडा उपहास उड़ाते हैं। बेहद अहंकार मे डूबे ये एलोपैथी चिकित्सक खुद को खुदा समझते हैं। लेकिन अब निरंतर हो रहे अनुसन्धानों से उनके घमंड को दूर होना चाहिए।


डायबिटीज़ के रोगी यदि शीघ्र स्वास्थ्य लाभ चाहते हैं तो उन्हें चिकित्सा के साथ-साथ यह उपचार भी करना चाहिए-

ॐ ...... भू ....... भुवाः ...... स्वः.... तत्स्वितुर्वरेनियम भर्गों देवस्य धीमहि। ....... धियों यो नः प्रचोदयात। ।

इन खाली स्थान पर 3 या 5 या 7 या 9 अर्थात  विषम संख्या के क्रम मे तालियाँ बजाना है। ये तालियाँ एक्यू प्रेशर का काम करती हैं जिनसे डायबिटीज़ के प्वाइंट्स दबने के कारण शीघ्र स्वास्थ्य लाभ होता है और दवा का सेवन  भी समाप्त हो जाता है।

मंत्र को कुल 9,18,27 या 108 के क्रम मे पश्चिम दिशा की ओर मुंह करके किसी ऊनी या लकड़ी के आसन या पोलीथीन शीट पर बैठ कर करें ,नंगी धरती पर नहीं अन्यथा 'अर्थ'-earth होने के कारण ऊर्जा -energy नष्ट हो जाएगी और मंत्र जाप व्यर्थ चला जाएगा।

हृदय रोग मे -

इसी प्रकार हार्ट के मरीज हृदय रोग के उपचार मे खाली स्थानों पर तालियाँ बजाने के बजाए ॐ शब्द का उच्चारण करें। कुल 5 ॐ उच्चारण करने होंगे और इन्हें अतिरिक्त ज़ोर लगा कर बोलना  होगा।

हाई ब्लड प्रेशर,लो ब्लड प्रेशर,हार्ट आदि की तकलीफ मे 5 अतिरिक्त ॐ लगा कर गायत्री मंत्र के सेवन से शीघ्र लाभ होता है। एलोपैथी के साइड इफ़ेक्ट्स और रिएक्शन से बचने हेतु बायोकेमिक KALI PHOS 6 X का 4 tds सेवन करना चाहिए। ज्यादा तकलीफ मे इस दवा का 10-10-10 मिनट के अंतर से सेवन करना जादू सा असर देता है। गुंनगुने पानी मे घोल कर सेवन करें तो और जल्दी लाभ होता है।

भोजन करने के बीच मे पानी का सेवन न करें और भोजन करने के तुरंत बाद मूत्र विसर्जन करें तो हार्ट -हृदय मजबूत होता है।

अस्थमा-दमा की बीमारी मे तथा मानसिक चिंता होने पर भी यह 5 अतिरिक्त ॐ वाला गायत्री मंत्र ही 'राम बाण औषधि' है। 

आधुनिक रिसर्च 'अरहर की पत्ती' का 'पेस्ट स्तन पर लेप करके दूध न बनने की परेशानी  दूर करने की बात करता है। जबकि 'सिंघाड़े के आटे का हलवा' खिला कर प्रसूता के स्तनों मे दुग्ध की मात्रा बढ़ाना सुगम कारगर उपाय है।