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Thursday, August 27, 2026

सत्ता की मलाई खाने का लालच. ------ गीता श्री




धर्म के पीछे पागल स्त्रियों को मनुस्मृति जरुर पढ़ना चाहिए, जरा उनके चेहरे देखूँगी. 😀
सिरहाने रख कर सो जाओ. 
वैसे भी उन स्त्रियों का कुछ नहीं हो सकता जो सत्ता से कुछ पा लेने के लालच में अपनी स्वतंत्रता गिरवी रखने को तैयार हैं. 
बड़ी मुश्किल से मुक्ति पाई थी, पितृसत्ता शिकार करती थी, और लंबे संघर्ष के बाद थोड़ी आज़ादी मिली है. 
कुछ स्त्रियाँ फिर से गूंगी गुडियाँ बन गई हैं. सत्ता की मलाई खाने का इतना लालच. 
हमारी पुरखिनों की लड़ाई को कमजोर मत करो बहनों. फिर सोने के पिंजरे में कैद होना है क्या? फिर भोग की वस्तु बनना है? 
ये लोग तुम्हारी आज़ादी छीन लेंगे. बोलने की, घूमने की, कपड़े पहनने की, बाहर निकलने की… 
तुमसे सिर्फ अपना झंडा उठाने को कहेंगे. पार्टी का, धर्म का झंडा. अपनी जय बोलने को कहेंगे. समझो इस साजिश को. 
मेरे कानों में लगातार एक धुन बज रही है… 
Smash patriarchy
पितृसत्तात्मक व्यवस्था का अंत हो !! इसकी अनुगामिनी बनना बंद करो. 










  ~विजय राजबली माथुर ©