~विजय राजबली माथुर ©
Tuesday, March 9, 2021
भारतीय संस्कृति का मूल तत्व ------ हरिदत्त शर्मा
अभिषेक श्रीवास्तव साहब ने कुछ समय पूर्व स्व हरिदत्त शर्मा जी के संबंध में जानकारी चाही थी तब इतना ही सूचित कर पाया था कि, वह नवभारत टाईम्स, दिल्ली में समाचार संपादक थे और उनका कालम ' विचार - प्रवाह ' नियमित छपता था अब उसका प्रमाण भी प्रस्तुत कर रहा हूँ । स्व हरिदत्त शर्मा जी का एक लेख ' प्रभात ' , मेरठ में 26 जनवरी 1975 को प्रकाशित हुआ था उसकी स्कैन कापी का अवलोकन किया जा सकता है ------
Tuesday, January 26, 2021
कौन ऐसा सत्ता का दलाल है जिसकी दम पर इतनी भीड़ लाल किले तक आ गई ? ------ पंकज चतुर्वेदी
26-01-2021
26 जनवरी जब दल्ली पुलिस कहती है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता, इतने लोग लाल किला तक पहुंचे कैसे?
चूंकि किसानों की कई सौ किलोमीटर लंबी रैली बाकायदा निकल ही रही थी सो आखिर कौन ऐसा सत्ता का दलाल है जिसकी दम पर इतनी भीड़ लाल किले तक आ गई।
इस वीडियो को ध्यान से देखें । इस भीड़ का अगुआ दीप सिद्धू है जो भा ज पा संसद सन्नी देवल का खास है।
Wednesday, December 2, 2020
Monday, August 3, 2020
यू एस ए का साथ भारत को मंहगा पड़ेगा ------ भरत झुनझुनवाला
भरत झुनझुनवाला साहब ने आर्थिक आधार पर यू एस ए का साथ देने को भारत के लिए घाटे का सौदा बताया है इसके अतिरिक्त राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी ऐसा करना अदूरदर्शिता ही है।
यू एस ए ने रासायनिक हथियारों का झूठा आरोप लगा कर ईराक को नेस्तनाबूद कर दिया अर्थात प्राचीन मेसोपोटामिया सभ्यता और संस्कृति को नष्ट कर डाला। मिस्त्र आदि अनेकों सभ्यताओं व संस्कृतियों को नष्ट करने का दोषी है यू एस ए।
वर्तमान में चीन और भारत को लड़वा कर यू एस ए चीन व भारत दोनों की प्राचीन संस्कृतियों को नष्ट करना चाहता है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस का संकल्प था ' एशिया फार एशियन्स ' यदि उसके आधार पर रूस, चीन और भारत एकजुट हों तो यू एस ए ही नहीं सम्पूर्ण विश्व का मजबूती से मुकाबला कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त भारत- बांगलादेश-पाकिस्तान को मिल कर ' भारत- बांगलादेश- पाक महासंघ ' बनाना चाहिए जिससे तीनों देशों की जनता को राहत मिलेगी सभी जगह उन्नति व समृद्धि हो सकेगी। 1947 में यू एस ए ने ही भारत - पाक विभाजन अपने साम्राज्यवादी हितों को साधने के लिए ब्रिटेन से करवाया था जिसमें वह आज भी संलग्न है। भारत प्रायद्वीप ही नहीं सम्पूर्ण एशिया की जनता का हित सुरक्षित करने के लिए यू एस ए की चालों से बचने की नितांत जरूरत है।
~विजय राजबली माथुर ©
Tuesday, July 28, 2020
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